रक्षाबंधन ( raksha bandhan) एक हिंदू त्यौहार है जो भाई बहन के प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है यह हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है इस दिन बहाने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती है और उनकी सत्यमती की दुआ करती है भाई अपनी बहनों को हर मुश्किल से बचने का वचन देते हैं और उनका ख्याल रखते हैं.
रक्षाबंधन से जुड़ी सबसे प्रचलित पूर्णिमा कथा महाभारत से जुड़ी है इसमें द्रौपदी ने श्री कृष्ण की उंगली से खून बहाने बातें देख अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया इसके बदले में श्री कृष्ण ने हमेशा उसकी रक्षा करने का वादा किया एक और प्रसिद्ध कथा में रक्षाबंधन की शुरुआत का संबंध रक्षा राजा बलि से है।अगर आप भी अपने बहाने भाई के लिए कुछ भी गिफ्ट दे रहे हैं तो अभी अमेजॉन पर चल रहा है बहुत ही अच्छा डिस्काउंट रक्षाबंधन गिफ्ट आप यहां से लिंक से कौन सा भी ले सकते हैं –https://amzn.to/45e3hSV –https://amzn.to/4mkDfEu
सबसे पहले राखी बांधने की प्रथा के बारे में दो मुख्य कथाएँ प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार, देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधी थी, और दूसरी कथा के अनुसार, द्रौपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी।
Raksha Bandhan Celebration reasons: हर साल सावन के महीने की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को दिखाने वाला दिन है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके अच्छे जीवन की दुआ करती हैं. बदले में भाई अपनी बहनों को तोहफे देते हैं और हर हाल में उनका साथ निभाने का वादा करते हैं. यह त्यौहार उन भावनाओं को मजबूत करता है जो हर भाई-बहन के बीच जन्म से ही जुड़ी होती हैं. रक्षाबंधन एक ऐसा दिन है जो हर किसी को अपने बचपन की यादों में ले जाता है. भाई की शरारतें, बहन की नाराज़गी, त्योहार की तैयारियां और वो खास मिठाइयां, सब कुछ जैसे फिर से सामने आ जाता है. इस दिन सिर्फ धागा नहीं बंधता, एक भरोसा बंधता है कि चाहे कितनी भी दूरियां हों, रिश्तों की गर्माहट हमेशा बनी रहेगी. रक्षाबंधन का मतलब सिर्फ परंपरा निभाना नहीं, बल्कि रिश्तों को नए सिरे से महसूस करना भी है. आइए जानते हैं विस्तार से ज्योतिषाचार्य अंशु त्रिपाठी से.।अगर आप भी अपने बहाने भाई के लिए कुछ भी गिफ्ट दे रहे हैं तो अभी अमेजॉन पर चल रहा है बहुत ही अच्छा डिस्काउंट रक्षाबंधन गिफ्ट आप यहां से लिंक से कौन सा भी ले सकते हैं –https://amzn.to/45e3hSV –https://amzn.to/4mkDfEu

रक्षाबंधन का भाव क्या है?
यह दिन भाई-बहन के रिश्ते की ताकत को दिखाता है. राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि उसमें छुपा होता है प्यार, विश्वास और एक-दूसरे की चिंता. यह त्योहार बताता है कि परिवार में रिश्ते सिर्फ खून के नहीं होते, बल्कि भावनाओं से भी बनते हैं. कई बार भाई-बहन में तकरार भी होती है, लेकिन रक्षाबंधन वो मौका है जब हर नाराज़गी भूलकर सिर्फ प्यार बाकी रह जाता है.
1. देवी लक्ष्मी और राजा बलि:
यह कथा भविष्य पुराण में वर्णित है।
एक बार, राजा बलि ने यज्ञ किया और भगवान विष्णु उनके द्वारपाल बनकर रहने लगे।
इससे देवी लक्ष्मी चिंतित हो गईं, क्योंकि वे वैकुंठ में अकेली रह रही थीं।
इसलिए, देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधी और उनसे भगवान विष्णु को अपने साथ वापस ले जाने का वचन लिया।और कुछ अन्य जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर आप चेक कर सकते हैं – www.time22news.com
रक्षाबंधन सिर्फ एक रस्म नहीं एक भाव है
रक्षाबंधन कौन रिश्तो की याद दिलाता है जो वक्त के साथ कई होने लगते हैं इस दिन हम एक बार फिर रिश्ता में मिठास और मजबूती लाने की कोशिश करते हैं राखी बांधकर भाई सिर्फ एक वादा नहीं निभाता वह अपने जीवन की प्राथमिकताएं में बहन को फिर से जगह देता है इसलिए इस रक्षाबंधन को सिर्फ मिठाई और गिफ्ट के सीमित न रखें बल्कि इस एक अवसर बने रिश्तो को और मजबूत बनाने का बचपन की यादें फिर से जीने का और अपनेपन को फिर से महसूस करने का एक वादा करते हैं रक्षाबंधन सिर्फ हमारे हाथ में राखी बांधने से खत्म नहीं होता हमारा जो भाई फर्ज है वह निभाना पड़ता है हर मुश्किल समय में अपने बहन के प्रति सम्मान और उसके पीछे कुछ भी प्रॉब्लम होने के बाद हम रहे यही इसका वादा रहता है और बहन भी एक भाई के पीछे अपनी मां जैसे रहे ही इसका अर्थ है कभी भी कुछ भी समस्या को सुलझाने के लिए वह दोनों साथ मिलाकर खड़े रहे और अपने जीवन का आनंद ले
-
महाभारत की कथाएक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण युद्ध में घायल हो गए थे, तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा था। कृष्ण ने द्रौपदी को वचन दिया था कि वे हमेशा उसकी रक्षा करेंगे।
-
रानी कर्णावती और हुमायूं की कथाएक और कथा के अनुसार, मेवाड़ की रानी कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजी थी और उनसे अपनी रक्षा के लिए मदद मांगी थी। हुमायूँ ने राखी का सम्मान करते हुए अपनी सेना के साथ रानी की मदद की थी।
-
बलि राजा की कथाएक अन्य कथा में, भगवान विष्णु ने राजा बलि को पाताल लोक का राजा बनने का वरदान दिया था। देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधकर भगवान विष्णु को वापस मांगा था।

- बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं।
- बहनें भाइयों को तिलक लगाती हैं और आरती करती हैं।
- भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
- इस दिन, लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से भी मिलते हैं और खुशियां मनाते हैं।
रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के बीच कर्तव्य के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है यह अवसर उन सभी प्रकार के भाई-बहन के रिश्ते का जन्म बनाने के लिए जो पुरुष और महिला के बीच जैविक रूप से संबंधित नहीं हो सकते हैं इस दिन बहनें अपने भाई को अप्लाई पर राखी बांधकर उसकी समृद्धि और स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करती है.

रक्षाबंधन के अवसर पर, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते समय “येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।” मंत्र का जाप करती हैं। इस मंत्र का अर्थ है “जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं, हे रक्षे! तुम स्थिर रहना, स्थिर रहना”।अगर आप भी अपने बहाने भाई के लिए कुछ भी गिफ्ट दे रहे हैं तो अभी अमेजॉन पर चल रहा है बहुत ही अच्छा डिस्काउंट रक्षाबंधन गिफ्ट आप यहां से लिंक से कौन सा भी ले सकते हैं –https://amzn.to/45e3hSV –https://amzn.to/4mkDfEu
और कुछ अन्य जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर आप चेक कर सकते हैं – www.time22news.com



