Tata Steel Share Price

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टाटा स्टील का शेयर प्राइस आज क्या है?
टाटा स्टील के शेयर सोमवार 14 Jul 2025 को 10:29:27 बजे 0.00 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। 159.85 रुपये के पिछले क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले टाटा स्टील के शेयर 0.31 पर्सेंट चढ़ाई के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
टाटा स्टील का मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या है?
टाटा स्टील का मार्केट कैपिटलाइजेशन सोमवार 14 Jul 2025 को 10:29:27 बजे 254082.7 करोड़ रुपये है।
टाटा स्टील का 52 हफ्ते का हाई/लो क्या है?
टाटा स्टील का 52 हफ्ते का हाई लेवल 175.45 रुपये है, जबकि 52 हफ्ते का लो लेवल 122.60 रुपये है।
टाटा स्टील निवेश करने के लिए क्या अच्छा स्टॉक है?
इन प्रमुख मीट्रिक्स पर टाटा स्टील का एनालिसिस किया जा सकता है। टीटीएम पी/ई: 59.54, सेक्टर पी/ई: 19.22, डिविडेंड यील्ड: 51.91,%, डी/ई रेशियो: –
क्या टाटा स्टील प्रॉफिटैबल है?
2025 में टाटा स्टील का नेट नुकसान 6374.52 करोड़ रुपये रहा।
टाटा स्टील का शेयर गिरने के कई कारण हैं, जिनमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कंपनी के उत्पादन अपडेट में गिरावट, और विश्लेषकों द्वारा रेटिंग में कमी शामिल हैं।
मुख्य कारण:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता:
दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंका और व्यापार तनाव से स्टील की मांग में कमी आ सकती है, जिससे टाटा स्टील के शेयरों पर असर पड़ रहा है।
उत्पादन अपडेट:
कंपनी के हालिया उत्पादन अपडेट में भारत में डिलीवरी की मात्रा में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।
रेटिंग में कमी:
कई विश्लेषकों ने टाटा स्टील के शेयरों की रेटिंग कम कर दी है, जिसका मतलब है कि वे अब कंपनी के प्रदर्शन को लेकर कम सकारात्मक हैं।
चीन से आयात:
चीन से सस्ते स्टील का आयात भी वैश्विक बाजार में स्टील की कीमतों पर दबाव डाल रहा है, जिससे टाटा स्टील के मार्जिन पर असर पड़ रहा है।
बढ़ता कर्ज:

टाटा स्टील का भविष्य कई कारकों पर निर्भर करेगा, जिनमें शामिल हैं:
वैश्विक इस्पात की मांग:
वैश्विक इस्पात की मांग में वृद्धि से टाटा स्टील के राजस्व और लाभ मार्जिन में सुधार होगा।
भारत में बुनियादी ढांचे का विकास:
भारत में बुनियादी ढांचे के विकास से भी इस्पात की मांग बढ़ेगी, जिससे टाटा स्टील को लाभ होगा।
कंपनी का प्रदर्शन:
टाटा स्टील अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने और लागत कम करने के लिए लगातार काम कर रही है, जिससे लाभप्रदता में सुधार होगा।
पर्यावरण संबंधी नियम:
टाटा स्टील को पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करना होगा, जो कंपनी के लिए एक चुनौती हो सकती है।
टाटा स्टील ने अपने भविष्य के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं, जिनमें शामिल हैं:
हाइड्रोजन आधारित स्टील बनाना:
कंपनी हाइड्रोजन आधारित स्टील बनाने की दिशा में काम कर रही है, जो पर्यावरण के लिए कम हा
टाटा स्टील के संस्थापक –
टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी टाटा है उन्होन 1907 में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी tisco की स्थापना की जो बाद में टाटा स्टील बनीजमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने भारत को औद्योगिक राष्ट्रों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक देशभक्त और मानवतावादी थे, जिनके आदर्शों ने एक महान व्यापारिक समूह को आकार दिया। टाटा स्टील, टाटा समूह का एक हिस्सा है।
टाटा स्टील की शुरुआत कैसे हुई – संक्षिप्त इतिहास:
स्थापना वर्ष: 1907
संस्थापक: जमशेदजी टाटा
(हालाँकि जमशेदजी टाटा की मृत्यु 1904 में हो गई थी, लेकिन उनका सपना उनके बेटे सर दोराबजी टाटा ने पूरा किया)
टाटा स्टील की शुरुआत की कहानी:
1. जमशेदजी टाटा का सपना
जमशेदजी टाटा को विश्वास था कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए अपनी इस्पात उत्पादन क्षमता विकसित करनी होगी। 1900 के आसपास उन्होंने भारत में लौह अयस्क (Iron Ore) और कोयले की उपलब्धता की तलाश शुरू की।
2. उपयुक्त स्थान की खोज
जमशेदजी टाटा की टीम ने झारखंड (उस समय बिहार का हिस्सा) में सिंहभूम जिले के साकची नामक स्थान को चुना, जहाँ पर्याप्त लौह अयस्क और कोयला मौजूद था।
Tata steel-
टाटा स्टील एक ऐसी कंपनी है जो इसका शेर कभी गिर नही सकता ऐसा अंदाज बताया जाता है अगर आप भी टाटा स्टील मे निवेश करना चाहते है तो कर सकते हो टाटा स्टील एक टाटा का ब्रँड है और जो कभी ही प्राईस उसका कम नही हो सकता है ऐसा अंदाज दर्जा या जाता है टाटा स्टील एक पावरफुल कंपनी है


