Unesco world list 12 छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किले को युनेस्को जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है

Unesco world list 12 छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किले को युनेस्को जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है

छत्रपती शिवाजी महाराज के बारा किले को युनेस्कोच्या जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है

Unesco world list 12 छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किले को युनेस्को जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है
Unesco world list 12 छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किले को युनेस्को जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है

Unesco world list 12किल
1. रायगड किल्ले
2.राजगड किल्ले
3.प्रतापगड किल्ले
4.पन्हाळा किल्ले
5.शिवनेरी किल्ले
6.लोहगड किल्ले
7.साल्हेर किल्ले
8.सिंधुदुर्ग किल्ले
9.सुवर्णदुर्ग किल्ले
10.विजयदुर्ग किल्ले
11.खांदेरी किल्ले
12.जिंजी किल्ले
सरकारने बताया है की यह छत्रपती शिवाजी महाराज द्वारा बनाई बारा किलो को आंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल चुके है यह क्षणबहुत ही गौरवशाली है
यह बहुत हि गौरवशाली क्षण हे जो छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किल्ले, युनीस्को के लिस्ट में शामिल हो चुके है

1. Unesco world list रायगड किल्ले –

Unesco world list रायगड किल्ला महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक किलों में से एक है। यह किला सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में स्थित है और समुद्र तल से लगभग 2,700 फीट (820 मीटर) की ऊँचाई पर स्थित है। यह छत्रपती शिवाजी महाराज की राजधानी थी और यहीं पर उनका राज्याभिषेक (1674) हुआ था। रायगड किले को मराठा साम्राज्य की नींव का प्रतीक माना जाता है।

Unesco world list रायगड किले की मुख्य जानकारी:

विषय जानकारी

स्थान महाराष्ट्र के रायगड जिले में
निर्माण काल 1030 के आसपास (शिलाहार राजवंश द्वारा), शिवाजी महाराज ने 1656 में इसे जीता और पुनर्निर्माण करवाया
समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 2,700 फीट
महत्व छत्रपती शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक यहीं हुआ था
प्रमुख स्थान राजसभा, बाजारपेठ, शिवाजी महाराज की समाधी, होलिचा माल, मेघडांबरी, हिरकणी बुरुज
कैसे पहुँचें पचाड गांव से रोपवे या ट्रेकिंग द्वारा

2.Unesco world list राजगड किल्ले-

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Unesco world list किल्ले राजगड महाराष्ट्र का एक ऐतिहासिक किला है, जो पुणे जिले में स्थित है। यह किला छत्रपती शिवाजी महाराज का पहला राजधानी किला था और मराठा साम्राज्य के इतिहास में इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।

Unesco world list  राजगड किले की मुख्य जानकारी:

जानकारी विवरण

स्थान वेल्हे तालुका, पुणे जिला, महाराष्ट्र
ऊँचाई लगभग 4,514 फीट (1376 मीटर)
निर्माण काल 12वीं शताब्दी (बौद्ध गुफाओं के अनुसार), शिवाजी महाराज ने 1646 में इसे पुनर्निर्मित किया
प्रसिद्धि का कारण छत्रपती शिवाजी महाराज की पहली राजधानी
पहले का नाम मुरुंबदेव
नई राजधानी 1670 में राजधानी रायगड स्थानांतरित की गई

Unesco world list राजगड किले की विशेषताएं:

1. बालेकिल्ला (मुख्य गढ़): किले का सबसे ऊँचा और सुरक्षित भाग, यहीं से शिवाजी महाराज शासन चलाते थे।

2. सुवेळा माची, संजीवनी माची और पद्मावती माची: ये तीन प्रमुख माचियाँ (प्रहर टाव…

3.Unesco world list प्रतापगड किल्ले-

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Unesco world list प्रतापगड किला महाराष्ट्र राज्य के सतारा ज़िले में स्थित है। यह किला महाबलेश्वर से लगभग 24 किलोमीटर दूर, पहाड़ियों पर बना हुआ है।

2. निर्माण:
प्रतापगड किले का निर्माण 1656 ई. में छत्रपती शिवाजी महाराज के आदेश पर किया गया था। इसका निर्माण मोरोपंत त्र्यंबक पिंगळे ने करवाया।

3. ऐतिहासिक महत्व:

Unesco world list प्रतापगड किला मराठा साम्राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

यहीं 10 नवम्बर 1659 को शिवाजी महाराज और अफ़ज़ल खान के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ था, जिसमें शिवाजी महाराज ने अफ़ज़ल खान को पराजित किया था।

यह युद्ध मराठा साम्राज्य की स्थापना के लिए एक निर्णायक क्षण था।

4. किले की रचना:

यह किला दो भागों में बँटा है — ऊपरी किला (Upper Fort) और नीचला किला (Lower Fort)।

ऊपरी भाग मुख्य रूप से प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग होता था, जबकि निचला भाग सैनिकों और अन्य
4.Unesco world list पन्हाळा किल्ले-
Unesco world list पन्हाला किला, कोल्हापुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जो महाराष्ट्र के सबसे बड़े किलों में से एक है। यह किला 12 वीं शताब्दी में शिलाहार राजा भोज द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। 17वीं और 18वीं शताब्दी में, यह मराठा शासकों, विशेषकर छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए एक महत्वपूर्ण किला बन गया था। पन्हाला किला कोल्हापुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता था।
यह वीडियो पन्हाला किले के इतिहास और वास्तुकला को
इतिहास:
Unesco world lis पन्हाला किला 1178-1209 ई. के बीच शिलाहार शासक भोज द्वितीय द्वारा बनवाया गया था, के अनुसार Travelsetu.com।
बाद में, इस किले पर यादव, बहमनी सल्तनत, मराठा और अंग्रेजों का शासन रहा।
छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस किले को अपने राज्य की रक्षा के लिए एक रणनीतिक स्थान के रूप में इस्तेमाल किया और यहां कई दिन बिताए।
पन्हाला किला 17वीं और 18वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण गढ़ था।
यह किला रानी ताराबाई के शासनकाल में 1782 तक मराठा राज्य की राजधानी भी रहा।
यह वीडियो पन्हाला किले के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करता है:
5.Unesco world list शिवनेरी किल्ले-
Unesco world list
स्थान: जुन्नर, पुणे जिला, महाराष्ट्र
निर्माण काल: लगभग 17वीं शताब्दी
इतिहासिक महत्व: छत्रपती शिवाजी महाराज का जन्मस्थान

Unesco world list शिवनेरी किला – ऐतिहासिक जानकारी:

1. छत्रपती शिवाजी महाराज का जन्मस्थान: शिवनेरी किला मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपती शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को इसी किले में हुआ था।

2. स्थापत्य और संरचना: किला एक त्रिकोणीय आकार में बना हुआ है, जिसके चारों ओर मजबूत दीवारें और सात मुख्य दरवाजे हैं। किले के भीतर पानी की टाकी, मंदिर, मस्जिद और गुफाएं हैं।

3. गणेश द्वार और शिव कुण्ड: किले के मुख्य प्रवेशद्वार को गणेश दरवाजा कहा जाता है। किले में एक प्राकृतिक जल स्रोत ‘बडोबा’ या ‘शिव कुण्ड’ भी है, जो वर्ष भर पानी से भरा रहता है।

4. शिवाई देवी मंदिर: किले के अंदर शिवाई देवी का मंदिर स्थित है। ऐसा माना जाता है
6.Unesco world list लोहगड किल्ले-
Unesco world list लोहागढ़ किला, जिसे अजयगढ़ दुर्ग भी कहा जाता है, राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है। यह किला 18वीं शताब्दी में भरतपुर के जाट शासक महाराजा सूरजमल द्वारा बनवाया गया था और इसे अजेय माना जाता है क्योंकि इस पर कभी किसी बाहरी आक्रमणकारी का कब्जा नहीं हो पाया.
मुख्य बातें:

निर्माण:
महाराजा सूरजमल ने 1733 में इसका निर्माण शुरू करवाया.
अजेय किला:
इसे अजयगढ़ दुर्ग भी कहा जाता है क्योंकि यह कभी किसी बाहरी शक्ति द्वारा जीता नहीं गया.
मिट्टी का किला:
किले के चारों ओर मिट्टी की दोहरी प्राचीर है, इसलिए इसे मिट्टी का किला भी कहा जाता है.
खाई:
किले के चारों ओर एक गहरी खाई है, जिसमें मोती झील से सुजानगंगा नहर द्वारा पानी लाया गया है.
अष्टधातु द्वार:
उत्तरी द्वार अष्टधातु का बना है, जिसे जवाहर सिंह जाट 1765 में लाल किले से लाए थे.
महत्वपूर्ण स्थल:
किले के अंदर कई महल, मंदिर
7.Unesco world list साल्हेर किल्ले-
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साल्हेर किल्ला महाराष्ट्र राज्य के नाशिक जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और प्राचीन किला है। यह किला सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में स्थित है और यह महाराष्ट्र का सबसे ऊँचा किला माना जाता है। चलिए साल्हेर किले की प्रमुख जानकारी जानते हैं:

Unesco world list साल्हेर किले का परिचय:

स्थान: बागलाण तालुका, नाशिक जिला, महाराष्ट्र

ऊँचाई: लगभग 5,175 फीट (1,577 मीटर)

पर्वत श्रृंखला: सह्याद्री (सप्तश्रृंगी उपश्रेणी)

निकटतम गाँव: साल्हेन्द्रे

ऐतिहासिक महत्व: शिवाजी महाराज और मराठा साम्राज्य से जुड़ा हुआ

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

साल्हेर किला प्राचीन समय से ही एक महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है।

यह किला पुर्तगालियों, मोहम्मद शासकों और बाद में मराठों के नियंत्रण में रहा।

1672 ई. में छत्रपती शिवाजी महाराज के सरदार शिवाजी बिन्दोजी इनामदार ने इस किले को मुगलों से छीन लिया था।

इसके बा

8.Unesco world list सिंधुदुर्ग किल्ले-
Unesco world list सिंधुदुर्ग हा महाराष्ट्राच्या सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील अरबी समुद्रात छत्रपती शिवाजी महाराजांनी बांधलेला जलदुर्ग आहे. नोव्हेंबर २५, इ.स. १६६४ रोजी किल्ल्याच्या बांधकामाला सुरुवात झाली.

१. स्थान:
सिंधुदुर्ग किल्ला महाराष्ट्र राज्यातील कोकण किनारपट्टीवर, मालवण तालुक्यात अरबी समुद्रात आहे. हा किल्ला मालवणपासून सुमारे १.५ किमी अंतरावर समुद्रात वसलेला आहे.

२. बांधणीचा कालावधी:
छत्रपती शिवाजी महाराज यांनी हा किल्ला इसवी सन १६६४ मध्ये बांधला.

३. बांधकामाचे उद्दिष्ट:
सिंधुदुर्ग किल्ला छत्रपती शिवाजी महाराजांनी कोकण किनाऱ्याचे संरक्षण करण्यासाठी, तसेच सागरी आक्रमणांना प्रतिकार करण्यासाठी बांधला.

४. बांधकामाची वैशिष्ट्ये:

किल्ला समुद्राच्या मध्यभागी सागरी खडकांवर बांधलेला आहे.

किल्ल्याच्या भिंती जाड व उंच असून, सागरी लाटांचा सामना करण्यासाठी मजबूत बांधणी केली गेली आहे.

या किल्ल्यात शिवाजी महाराजांचा एकमेव जीवनात असताना उभा केलेला पुतळा आहे.

किल्ल्याच्या प्रवेशद्वाराची रचना अशी आहे की ते सहज दिसत नाही; यामुळे शत्रूला सहज प्रवेश करता येत नाही
9.Unesco world list सुवर्णदुर्ग किल्ले-
Unesco world list सुवर्णदुर्ग किल्ल्याची ओळख / परिचय:

सुवर्णदुर्ग हा किल्ला महाराष्ट्राच्या रत्नागिरी जिल्ह्यातील दापोली तालुक्यातील हर्णे बंदराच्या जवळ अरबी समुद्रात आहे. याला “समुद्रातील किल्ला” (Sea Fort) म्हणूनही ओळखले जाते. हा किल्ला सागरी संरक्षणासाठी बांधण्यात आलेला आहे.

इतिहास (History):

सुवर्णदुर्ग किल्ला इ.स. 1660 मध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांनी आदिलशाहीकडून जिंकून घेतला होता.

शिवाजी महाराजांनी या किल्ल्याची दुरुस्ती करून त्याला नौदलाच्या दृष्टिकोनातून महत्त्व दिले.

हा किल्ला “सिद्दी” आणि पोर्तुगीज यांच्यापासून संरक्षणासाठी वापरला जात असे.

पुढे पेशव्यांच्या काळात आणि इंग्रजांच्या आक्रमणानंतर या किल्ल्यावर ब्रिटिश सत्ता आली.
वैशिष्ट्ये (Features):

स्थान: समुद्रात एक छोट्या बेटावर बांधलेला आहे, जमिनीपासून सुमारे 1.5 किमी अंतरावर.

Unesco world list 12 छत्रपती शिवाजी महाराज के 12 किले को युनेस्को जागतिक वारस दर्जा प्राप्त हुआ है
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10.Unesco world list विजयदुर्ग किल्ले-
Unesco world list विजयदुर्ग किल्ला महाराष्ट्रातील सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात देवगड तालुक्यात आहे. हा अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यावर वसलेला आहे.

इतिहास (History):

विजयदुर्ग किल्ल्याचा इतिहास 12व्या शतकात चालुक्य राजवटीपासून सुरू होतो.

मूळतः ‘घेरियादुर्ग’ या नावाने ओळखला जायचा.

1653 मध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांनी हा किल्ला विजयी केला आणि त्याचे नाव बदलून ‘विजयदुर्ग’ ठेवले.

त्यांनी किल्ल्याचा बळकटीकरण करून त्याला अधिक मजबूत बनवले.

विजयदुर्ग हा शिवाजी महाराजांच्या तीन सागरी किल्ल्यांपैकी एक महत्त्वाचा किल्ला होता (इतर दोन म्हणजे सिंधुदुर्ग आणि सुवर्णदुर्ग).

 महत्त्व (Significance):

हा किल्ला अरबी समुद्राच्या मधोमध असल्याने रणनौका संरक्षणासाठी महत्त्वाचा होता.

किल्ला तीन बाजूंनी समुद्राने वेढलेला आहे आणि फक्त एक बाजू भूमीशी जोडलेली आहे.
11.Unesco world list खांदेरी किल्ले-
Unesco world list  खांदेरी किल्ला हा महाराष्ट्रातील रायगड जिल्ह्यातील अरबी समुद्रात वसलेला एक ऐतिहासिक समुद्री किल्ला आहे. तो अलिबागच्या किनाऱ्याजवळ सागरात वसलेला असून, सध्या तो “कांदा” किंवा “कांदेरी किल्ला” म्हणूनही ओळखला जातो. इंग्रजांनी याला “Kennery Island Fort” असे नाव दिले होते.

खांदेरी किल्ल्याचा इतिहास:

निर्माण वर्ष: १६७९ साली छत्रपती शिवाजी महाराजांनी या किल्ल्याचे बांधकाम सुरू केले.

उद्देश: सागरमार्गावर सुरक्षा व नौदल नियंत्रण राखणे.

खांदेरी आणि उंदीरी हे दोन जुळे किल्ले आहेत. उंदीरी हा इंग्रजांच्या ताब्यात होता तर खांदेरी मराठ्यांकडे.

शिवाजी महाराजांच्या मृत्यूनंतर पेशव्यांच्या काळात देखील या किल्ल्याचे महत्त्व टिकून होते.

किल्ल्याचे स्थान:

खांदेरी किल्ला मुंबईपासून सुमारे २० किमी अंतरावर, समुद्रात आहे.

अलिबागच्या थळ गावाजवळून बोटीने किंव
12.Unesco world list जिंजी किल्ले-

Unesco world list जिंजी किल्ला – तमिळनाडूमधील अभेद्य दुर्ग

Unesco world list जिंजी किल्ला (Gingee Fort) तमिळनाडू राज्यातील विलुप्पुरम जिल्ह्यात आहे. हा किल्ला दक्षिण भारतातील सर्वात मजबूत आणि दुर्गम किल्ल्यांपैकी एक मानला जातो. मराठा राजा छत्रपती शिवाजी महाराजांनी देखील याचे वर्णन “दक्षिणेतील अजेय किल्ला” असे केले होते.

इतिहास:

जिंजी किल्ल्याचा इतिहास 9व्या शतकात सुरू होतो. याची निर्मिती चोळ राजवटीत झाली.

नंतर विजयनगर साम्राज्य, माराठा, मुघल, फ्रेंच आणि ब्रिटिश अशा अनेक राजवटींनी या किल्ल्यावर सत्ता गाजवली.

1698 मध्ये औरंगजेबाच्या फौजांनी अनेक वर्षांच्या संघर्षानंतर हा किल्ला जिंकला होता.

वैशिष्ट्ये:

किल्ला तीन वेगवेगळ्या टेकड्यांवर पसरलेला आहे – राजगिरी, कृष्णगिरी, आणि चंद्रयंदुर्ग.

प्रत्येक टेकडीवर वेगवेगळे बुरुज, दरवाजे, तटबंदी, जलतरण, गुप्त बोगदे आहेत.

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